लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। प्रदेश के 826 निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को उनके-अपने क्षेत्र पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया गया है। रविवार को सभी ब्लॉक प्रमुखों का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त हो गया, जिसके बाद नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
पंचायती राज विभाग की ओर से जल्द ही इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। इसमें स्पष्ट किया जाएगा कि प्रशासक के रूप में ब्लॉक प्रमुख कौन-कौन से नियमित एवं सामान्य प्रशासनिक कार्य कर सकेंगे और किन नीतिगत मामलों में उन्हें जिलाधिकारी के माध्यम से शासन से अनुमति लेनी होगी।
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सरकारी व्यवस्था के अनुसार, नई क्षेत्र पंचायतों के गठन और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न होने तक निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। इस दौरान क्षेत्र पंचायतों के दैनिक कार्य और विकास योजनाओं का संचालन जारी रहेगा, जबकि बड़े वित्तीय और नीतिगत निर्णय शासन की अनुमति के बाद ही लिए जा सकेंगे।
सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य पंचायत चुनाव होने तक क्षेत्र पंचायतों के प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं को बिना किसी बाधा के जारी रखना है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने और नई क्षेत्र पंचायतों के गठन के बाद निर्वाचित बोर्ड कार्यभार संभालेगा।
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