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करीब 29.49 करोड़ की लागत से बने दो पुल बदहाल, छह महीने में ही एप्रोच सड़कें उखड़ीं और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Thursday, September 3, 2026 9:16 PM

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रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। मैगलगंज क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार कराए गए दो महत्वपूर्ण पुलों की एप्रोच सड़कों की हालत लोकार्पण के महज छह महीने के भीतर खराब होने लगी है। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से हुए निर्माण के इतने कम समय में बदहाल होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, सेतु निगम की ओर से मैगलगंज क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण कराया गया है। कठिना नदी पर बने पुल की निर्माण लागत करीब 14 करोड़ 98 लाख रुपये, जबकि लोहिया पुल के निर्माण पर करीब 14 करोड़ 51 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। दोनों परियोजनाओं पर कुल लागत करीब 29 करोड़ 49 लाख रुपये बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलों के लोकार्पण को अभी ज्यादा समय नहीं बीता है, लेकिन इनसे जुड़ी एप्रोच सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई देने लगे हैं। कई हिस्सों में सड़क की सतह उखड़ने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जाता है कि लोहिया पुल क्षेत्र के महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है और आसपास के ग्रामीणों के आवागमन के लिए इसका विशेष महत्व है। ऐसे में सड़क की कम समय में खराब होती स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है तो लोकार्पण के कुछ ही महीनों बाद एप्रोच सड़क की परत उखड़ने और गड्ढे बनने की स्थिति क्यों सामने आई।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब 29.49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराए गए दोनों पुलों और उनकी एप्रोच सड़कों की गुणवत्ता की जांच कब होगी? क्या संबंधित विभाग मौके पर जांच कर निर्माण की गुणवत्ता का तकनीकी परीक्षण कराएगा और यदि कहीं कमी पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी? अथवा सड़क की मरम्मत कराकर पूरे मामले को समाप्त कर दिया जाएगा?

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