लखीमपुर खीरी। पहाड़ों पर हो रही अत्यधिक बारिश के बीच शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
जानकारी के अनुसार 1 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे बनबसा बैराज से शारदा नदी में 1.34 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
वहीं, पलियाकलां बेस स्टेशन पर सुबह 8 बजे शारदा नदी का जलस्तर 154.94 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 154.59 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
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नदी किनारे रहने वालों को विशेष सतर्कता
जलस्तर बढ़ने और बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की गई है।
प्रशासन की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि परिस्थितियां बिगड़ने पर किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं और नजदीकी ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
शारदा नदी का बढ़ता जलस्तर आने वाले घंटों में और चुनौती खड़ी कर सकता है, ऐसे में नदी किनारे बसे ग्रामीणों के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
तहसील निघासन अंतर्गत पुरैना, रानीगंज, लालबोझी, लुधौरी, मदनापुर, जीतपुरवा, ठाकुरपुरवा, लालपुर, तमोलिनपुरवा, झंडी, टापरपुरवा, लोनियनपुरवा, गौढीपुरवा, बरोठा, कुर्मीनपुरवा जैसे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते है फिलहाल प्रशासन की नजरें बनी हुई है अभी बाढ़ जैसे हालातों पर काबू है।
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