लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग ने पदोन्नति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी काउंसिलिंग प्रणाली लागू की है। इस प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज की संस्तुति के आधार पर 119 गन्ना पर्यवेक्षकों को गन्ना विकास निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है। साथ ही सभी पदोन्नत अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
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गन्ना आयुक्त कार्यालय के अनुसार, विभागीय इतिहास में पहली बार ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरी पदोन्नति और तैनाती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया। काउंसिलिंग को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए कर्मचारियों को 20-20 के समूहों में विभाजित किया गया और प्रत्येक कर्मचारी को रिक्त पदों के आधार पर 20 संभावित तैनाती स्थान चुनने का विकल्प दिया गया।
इसके बाद कर्मचारियों द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकता (Preference) और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ऑनलाइन पोर्टल ने स्वतः तैनाती का आवंटन किया। विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना भी कम हुई है।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि पारदर्शी ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रणाली के सफल संचालन के बाद सभी 119 गन्ना विकास निरीक्षकों को पदोन्नति प्रदान करते हुए उनकी नई तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की डिजिटल व्यवस्था से पदोन्नति एवं स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक तेज, निष्पक्ष और प्रभावी होगी।
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