लखनऊ। प्रदेश सरकार ने गन्ना समितियों और गन्ना विकास परिषदों के वित्तीय एवं लेखा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गन्ना एवं चीनी विभाग ने समितियों और परिषदों के लिए ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल विकसित किया है, जिसके माध्यम से चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑनलाइन निरीक्षण और लेखा परीक्षण करेंगे।
विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था में चार्टर्ड अकाउंटेंट निरीक्षण के दौरान अपनी टिप्पणियां, चेकलिस्ट, फोटो और अनुपालन रिपोर्ट सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इससे वित्तीय लेन-देन, अभिलेखों की शुद्धता और वैधानिक अनुपालनों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होगी। इसके लिए सभी नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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इसके साथ ही 20 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक पूरे प्रदेश में विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज कृषियोग्य भूमि (CLA) एवं गन्ना क्षेत्रफल का राजस्व अभिलेखों से मिलान किया जाएगा। इस कार्य के लिए विभाग ने विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया है तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
विभाग ने बताया कि जिन क्षेत्रों से पूर्व में अधिक शिकायतें मिली थीं, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। अभियान में गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों एवं जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे। अभियान पूर्ण होने के बाद जिला स्तर पर कार्य का प्रमाणीकरण कर प्रमाण-पत्र भी जारी किए जाएंगे।
गन्ना आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना विभाग में सुशासन और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से गन्ना समितियों एवं परिषदों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनेगी।
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