लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

सीएचसी के गेट पर ‘वीआईपी’ सांड का कब्जा, मरीजों की सुरक्षा भगवान भरोसे!

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Friday, September 4, 2026 10:40 AM

Google News
Follow Us

निघासन खीरी: जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन स्थित सीएचसी इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में है। यहां मरीजों को अस्पताल में प्रवेश कराने से पहले ही ‘सांड महाराज’ के दर्शन करने पड़ रहे हैं। सीएचसी के मुख्य गेट पर सांड का जमावड़ा मरीजों और तीमारदारों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है।
हालात यह हैं कि अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही सांड खड़ा नजर आ रहा है। ऐसे में अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। खासकर गंभीर मरीजों को लेकर आने वाले तीमारदारों के लिए अस्पताल का गेट ही परेशानी का कारण बनता दिखाई दे रहा है।
व्यंग्य की बात यह है कि जहां अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी मरीजों और अस्पताल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, वहीं गेट पर सुरक्षा व्यवस्था की जगह ‘सांड सुरक्षा व्यवस्था’ दिखाई दे रही है। सुरक्षाकर्मी गेट पर मौजूद रहें या नहीं, लेकिन सांड महाराज अपनी ड्यूटी पर पूरी मुस्तैदी से तैनात नजर आ रहे हैं।

करीब 29.49 करोड़ की लागत से बने दो पुल बदहाल, छह महीने में ही एप्रोच सड़कें उखड़ीं और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे।

मरीजों की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी पर मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि अस्पताल के मुख्य गेट पर ही आवारा पशु खुलेआम खड़ा रहे और उसे हटाने वाला कोई नजर न आए, तो फिर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
शायद अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था का नया फार्मूला यही है मरीज आएं, डॉक्टर से मिलें और गेट पार करते समय सांड से सुरक्षित निकलने की ‘अग्निपरीक्षा’ भी दें।
हालांकि यह महज व्यंग्य नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। अस्पताल प्रशासन को चाहिए कि मुख्य गेट से आवारा पशुओं को हटाने के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी भी सुनिश्चित करे, ताकि किसी अप्रिय घटना का इंतजार न करना पड़े।

भाजपा के आगामी अभियानों को लेकर मंथन, क्षेत्रीय अध्यक्ष ने विधायकों व कार्यकर्ताओं से किया संवाद।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Related News

Leave a Comment