लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व ने जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। रिजर्व क्षेत्र में पहली बार दुर्लभ ट्विन-स्पॉटेड वोल्फ स्नेक (Lycodon jara) का फोटोग्राफिक रिकॉर्ड सामने आया है। इस खोज को उत्तर प्रदेश की सरीसृप विविधता के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दुधवा परिक्षेत्र के सलूकापुर गेट के निकट चल रहे नियमित जैव विविधता सर्वेक्षण के दौरान वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम को यह दुर्लभ सांप मिला। हालांकि सांप मृत अवस्था में था, लेकिन उसके शारीरिक लक्षण पूरी तरह सुरक्षित होने के कारण वैज्ञानिकों को उसकी पहचान और दस्तावेजीकरण में सफलता मिली।
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वन्यजीव जीवविज्ञानी विपिन कपूर सैनी के नेतृत्व में टीम ने नमूने का विस्तृत अध्ययन किया। उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों और वैज्ञानिक साहित्य के आधार पर पुष्टि हुई कि प्रदेश में इस प्रजाति का यह पहला प्रमाणित फोटोग्राफिक रिकॉर्ड है।
विशेषज्ञों के अनुसार ट्विन-स्पॉटेड वोल्फ स्नेक एक गैर-विषैला और निशाचर प्रजाति का सांप है, जो मुख्य रूप से छिपकलियों और छोटे कशेरुकी जीवों का शिकार करता है। यह जंगलों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस खोज को क्षेत्र की समृद्ध लेकिन अब तक कम ज्ञात सरीसृप विविधता का प्रमाण बताया है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के वैज्ञानिक रिकॉर्ड भविष्य में वन्यजीव संरक्षण, शोध और जैव विविधता प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण आधार साबित होंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व लगातार अपने व्यवस्थित फील्ड सर्वेक्षणों के माध्यम से नई वन्यजीव प्रजातियों और उनके वितरण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने ला रहा है, जिससे तराई क्षेत्र के पारिस्थितिक महत्व को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है।











