लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

साहस और संकल्प की मिसाल बनीं देवांशी, 14,009 फीट की ऊंचाई पर बृघु झील तक पहुंचाया कॉलेज का ध्वज।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Saturday, August 29, 2026 3:43 PM

Google News
Follow Us

रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। साहस, दृढ़ संकल्प और नेतृत्व क्षमता का शानदार उदाहरण पेश करते हुए ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज की छात्रा देवांशी राज सिंह ने अपने तीन साथी छात्राओं के साथ हिमाचल प्रदेश में समुद्र तल से करीब 14,009 फीट की ऊंचाई पर स्थित बृघु झील तक कॉलेज का झंडा पहुंचाकर संस्थान का नाम रोशन किया।
देवांशी राज सिंह, जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन अंतर्गत झंडी राज परिवार के कुंवर राज विजय राज सिंह और देविका सिंह की पुत्री व झंडी स्टेट के राजा व पूर्व विधायक स्व० राजा राज ब्रजराज सिंह की पौत्री हैं। उन्होंने यह चुनौतीपूर्ण अभियान इंटरनेशनल अवॉर्ड फॉर यंग पीपल (IAYP) के गोल्ड अवॉर्ड की यात्रा के तहत पूरा किया। इस अभियान में उनके साथ अफशान अली, यशस्वी अनिका टंडन और अहाना सिंह भी शामिल रहीं।
मनाली के समीप बृघु झील तक पहुंचने का यह अभियान InSoul के सहयोग से आयोजित किया गया। ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी रास्तों, बदलते मौसम और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों के बीच छात्राओं ने पूरे साहस और आत्मविश्वास के साथ ट्रेक पूरा किया।
अभियान का उद्देश्य केवल पर्वतारोहण नहीं, बल्कि छात्राओं में नेतृत्व, टीमवर्क, आत्मनिर्भरता, जोखिम प्रबंधन और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी था। अभियान से पहले छात्राओं को नेविगेशन, सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेक के दौरान छात्राओं ने खुद टेंट लगाने और हटाने, कैंप साइट को व्यवस्थित रखने तथा भोजन तैयार करने जैसी जिम्मेदारियां भी निभाईं। इस दौरान उन्हें पर्वतीय परिस्थितियों में जीवन जीने और आत्मनिर्भर रहने का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व और मार्गदर्शन IAYP अवॉर्ड लीडर पी. दौलतानी ने किया। उनकी देखरेख में छात्राओं ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए सफलतापूर्वक अभियान पूरा किया।
14,009 फीट की ऊंचाई पर ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज का झंडा फहराना छात्राओं के लिए महज एक ट्रेक की सफलता नहीं, बल्कि सीमाओं को चुनौती देने और कक्षा से बाहर निकलकर कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व करने का प्रतीक बन गया।
इस उपलब्धि से ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज परिवार में गर्व और खुशी का माहौल है। देवांशी और उनकी साथी छात्राओं की यह उपलब्धि युवा छात्राओं के लिए प्रेरणा का संदेश है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और टीम भावना के साथ बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है।

घर के अंदर अचानक धंसी जमीन, 16 साल की छात्रा मलबे में समाई कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन।।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Leave a Comment