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जसनगर का बांध कटा तो तेज हुआ मोहाना का कहर, बांध को बचाने के लिए कवायद शुरू।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Saturday, August 29, 2026 7:19 PM

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रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। निघासन तहसील क्षेत्र में बाढ़ और कटान का संकट एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ाने लगा है। जसनगर और नया पिंड समेत 26 गांवों की करीब 35 हजार आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सबसे गंभीर स्थिति जसनगर और नया पिंड गांव की है, जहां कटान के चलते अब तक दो घर नदी की धारा में समा चुके हैं। वहीं दो साल पहले कटान में अपना आशियाना गंवाने वाले 37 परिवार आज भी स्थायी ठिकाने के इंतजार में हैं।
मजबूरी में प्रभावित परिवार झुग्गियों और अस्थायी ठिकानों में जीवन गुजार रहे हैं। हर साल बाढ़ आने के साथ इनके सामने घर, सामान और भविष्य की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो जाता है।
इधर शनिवार को जसनगर का बांध कट जाने से हालात और चिंताजनक हो गए। बांध के कटने के बाद मोहाना नदी का पानी तेज बहाव के साथ आगे बढ़ने लगा। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा जियो बैग लगाकर बांध को सुरक्षित करने का काम शुरू कराया गया।

 

मौके पर पहुंचे निघासन एसडीएम यदुवीर सिंह ने बांध को सुरक्षित करने के लिए चल रहे कार्य का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मोहाना नदी के तेज बहाव के कारण बांध का हिस्सा कट गया था। उसे सुरक्षित करने के लिए जियो बैग लगाए जा रहे हैं और कार्य की निगरानी की जा रही है।
हालांकि प्रशासन बांध को बचाने में जुटा है, लेकिन दूसरी ओर दो साल से विस्थापन का दंश झेल रहे 37 परिवारों की समस्या अब भी जस की तस है।
बाढ़ से कटान रोकने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये की परियोजना को धरातल पर उतारा था मगर वह परियोजना बाढ़ के पानी में ही बहती हुई नजर आ रही है।

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