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गन्ना किसानों बड़ी खबर: 2026-27 की आपूर्ति एवं कैलेंडरिंग नीति जारी, छोटे किसानों और महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Sunday, August 30, 2026 8:09 AM

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लखनऊ।  योगी सरकार ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 को लेकर गन्ना आपूर्ति एवं कैलेंडरिंग नीति जारी कर दी गई है। नई व्यवस्था में छोटे एवं महिला गन्ना किसानों को राहत देने के साथ-साथ आधुनिक खेती अपनाने वाले किसानों को भी गन्ने की आपूर्ति में प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है।
नीति के मुताबिक लघु एवं अति लघु महिला गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता मिलेगी। रक्षाबंधन के अवसर पर घोषित इस व्यवस्था के तहत महिला किसानों की पेड़ी और पौधा गन्ने की पर्चियों को निर्धारित अवधि में जारी कर आपूर्ति का अवसर दिया जाएगा।

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दिव्यांग छोटे किसानों को भी विशेष सुविधा

इस बार पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना किसानों के लिए भी अलग सुविधा का प्रावधान किया गया है। 90 क्विंटल तक सट्टा रखने वाले दिव्यांग किसानों को उनकी पेड़ी और पौधा फसल की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। दस्तावेज के अनुसार ऐसे किसानों की सामान्यतः 15 दिन के भीतर गन्ना आपूर्ति कराने की व्यवस्था रखी गई है।

ट्रेंच प्लांटिंग और मशीन से कटाई को बढ़ावा

सरकार ने गन्ने की खेती में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ट्रेंच प्लांटिंग अपनाने वाले किसानों को भी आपूर्ति में विशेष सुविधा देने का निर्णय लिया है। वहीं, गन्ने की कटाई के लिए हार्वेस्टर का इस्तेमाल करने वाले किसानों के लिए हार्वेस्टर सेंटर स्थापित किए जाने और जरूरत के अनुसार मशीन से कटाई की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
नीति में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने का उद्देश्य खेती की लागत कम करना और गन्ने की कटाई-छिलाई व ढुलाई की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना बताया गया है।

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पर्ची पर 20 फीसदी तक अतिरिक्त गन्ना तौलने की सुविधा

किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि पर्ची पर निर्धारित मात्रा से 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त गन्ने की तौल की अनुमति दी गई है। इससे खेत में उपलब्ध अतिरिक्त गन्ने को बेचने के लिए किसानों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

90 क्विंटल तक वाले किसानों को लघु किसान की श्रेणी

नई व्यवस्था में लघु किसानों की श्रेणी का दायरा बढ़ाया गया है। अब 90 क्विंटल तक सट्टा रखने वाले किसानों को लघु किसान की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। ऐसे किसानों को पेड़ी और पौधा गन्ने की आपूर्ति के लिए अधिक पर्चियों की सुविधा मिलेगी।

नए गन्ना सदस्यों को भी मिलेगा आपूर्ति का अवसर

30 सितंबर 2026 तक गन्ना समितियों में बनाए गए नए सदस्यों को भी समयबद्ध गन्ना आपूर्ति का अवसर देने की व्यवस्था की गई है। जिन नए सदस्यों के पास शरदकालीन पेड़ी या पौधा गन्ना उपलब्ध है, उनकी पर्चियां निर्धारित चरण से जारी की जाएंगी।

सैनिक और पूर्व सैनिक परिवारों को 20 फीसदी प्राथमिकता

सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, पूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा उनके आश्रितों को भी गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। नीति के अनुसार इन श्रेणियों को अन्य सदस्यों की तुलना में 20 प्रतिशत प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है।

ऑनलाइन मिलेगी गन्ने की आपूर्ति से जुड़ी जानकारी

किसानों को गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्चियों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। किसान SGK पोर्टल और ई-गन्ना ऐप के माध्यम से घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक समिति क्षेत्र में शिकायत अधिकारी नामित किए जाएंगे। इसके अलावा किसान अपनी शिकायत टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी दर्ज करा सकेंगे।
कुल मिलाकर, पेराई सत्र 2026-27 की नई नीति में छोटे किसानों, महिला किसानों, दिव्यांग किसानों, सैनिक एवं पूर्व सैनिक परिवारों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक अपनाने वाले किसानों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। अब इस नीति का वास्तविक लाभ किसानों तक किस तरह पहुंचता है, यह आगामी गन्ना पेराई सत्र में देखने वाली बात होगी।

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