लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

मासूम रवि पंचतत्व में विलीन, अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाई अस्पताल में भर्ती मां !!

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Saturday, June 6, 2026 8:09 PM

Google News
Follow Us

रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। डेढ़ हाथ जमीन के विवाद में बुझा आठ वर्षीय रवि का जीवन अब पूरे इलाके की आंखें नम कर रहा है। जिस मासूम की किलकारियों से घर आंगन गूंजता था, वह अब पंचतत्व में विलीन हो गया। लेकिन सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि घायल मां अपने इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सकी।
थाना निघासन क्षेत्र के तारानगर गांव में हुए इस हृदयविदारक हत्याकांड के अगले दिन ग्रामीणों, परिजनों और पुलिस की मौजूदगी में मासूम रवि का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव के श्मशान घाट पर हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही सवाल था—आखिर आठ साल के रवि का क्या कसूर था?
परिवारजनों का कहना है कि बेटे को बचाने के प्रयास में घायल हुई मां ज्ञानवती अभी भी जिला अस्पताल में भर्ती है। जिस मां ने अपने लाल को नौ महीने कोख में रखा, उसे पाल-पोसकर बड़ा किया, वही मां अपने बेटे के अंतिम समय में उसे आखिरी बार भी नहीं देख सकी। यह पीड़ा परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को झकझोर रही है।

मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट, डीएम ने तटबंध सुरक्षा कार्यों की परखी मजबूती।।

ग्रामीणों के अनुसार रवि अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके जाने से परिवार की खुशियां ही नहीं, भविष्य की सारी उम्मीदें भी मानो बुझ गईं।
इस घटना का एक और दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक के पिता रामप्रसाद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जाती। ग्रामीणों का कहना है कि वह घर के आसपास हो रही हलचल और लोगों की भीड़ तो देख रहे हैं, लेकिन शायद अब भी यह समझ नहीं पा रहे कि उनके इकलौते बेटे की दुनिया हमेशा के लिए उजड़ चुकी है।
उधर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
एक मासूम की चिता की आग तो बुझ गई, लेकिन पीछे कई ऐसे सवाल छोड़ गई जो लंबे समय तक लोगों के मन में जलते रहेंगे। क्या जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा किसी बच्चे की जिंदगी से ज्यादा कीमती हो सकता है? क्या रिश्तों की कीमत अब इतनी कम रह गई है कि विवादों का अंत मासूमों की बलि से होने लगे?
तारानगर गांव में आज भी सन्नाटा पसरा है, लेकिन उस सन्नाटे के बीच हर किसी के दिल से बस एक ही आवाज निकल रही है—”रवि का आखिर क्या कसूर था?”

परंपरागत खेती छोड़ अपनाया नया प्रयोग, सेब उत्पादन में मिली सफलता।।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Leave a Comment