लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश एवं जीरो टॉलरेंस की नीति का अनुसरण करते हुए गन्ना विकास विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित गंभीर प्रकरण पर कठोर कार्यवाही की गई है। सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सामने आई। उक्त क्लिप की जांच के क्रम में पाया गया कि परिक्षेत्र मुरादाबाद में तैनात प्रधान सहायक संजय कुमार सिंह द्वारा अपने स्वार्थ पूर्ति हेतु सेवानिवृत्त देयों के भुगतान की स्वीकृति में रिश्वत की मांग गयी थी।
कम दाम में शानदार फीचर्स और धांसू लुक के साथ यूजर्स को लुभा रहा VIVO का यह फोन!!
इसके अतिरिक्त, संजय सिंह द्वारा जिला गन्ना अधिकारी, मुरादाबाद से प्राप्त पत्र में ओवर राइटिंग करते हुए उच्चाधिकारियों को गुमराह किया गया तथा ग्रेच्युटी भुगतान से संबंधित प्रकरणों में अनावश्यक विलंब किया जा रहा था। यह कृत्य उत्तर प्रदेश कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है, उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत संजय कुमार सिंह, प्रधान सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गन्ना विकास विभाग द्वारा संजय कुमार सिंह के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए उन्हें कार्यालय जिला गन्ना अधिकारी, सीतापुर में आबद्ध किया गया है तथा इस प्रकरण की जांच हेतु जिला गन्ना अधिकारी, लखीमपुर खीरी वेदप्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे समस्त औपचारिकताओं को पूर्ण कर आगामी 06 सप्ताह के भीतर अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करें। यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को प्रतिबिंबित करती है और यह संदेश भी देती है कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रदेश में कहीं भी भ्रष्टाचार से संबंधित कोई मामला संज्ञान में आता है, तो उस पर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
हाथियों का रात का हमला : कई बीघा गन्ना-धान की फसल बर्बाद, किसान आंसुओं में डूबे


























