लखीमपुर खीरी। शहर के सेठघाट रोड स्थित निर्मल आश्रम में धार्मिक ग्रंथों के पन्ने जलाए जाने के आरोप ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामले में सिख समाज की ओर से शिकायत मिलने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में प्रभुमान सिंह पुत्र लक्ष्मण दास और आश्रम के महंत लक्ष्मण दास शास्त्री शामिल हैं। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के जनरल सेक्रेटरी निर्मल सिंह ने 8 अक्टूबर को पुलिस को तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 1:52 बजे उन्हें फोन के माध्यम से सूचना मिली कि निर्मल आश्रम में श्री गुरु ग्रंथ साहिब समेत अन्य धार्मिक ग्रंथों के पन्ने जलाए गए हैं। आरोप यह भी है कि जले हुए पन्नों को शारदा नदी में प्रवाहित कर दिया गया।
सूचना मिलने के बाद सिख समाज के कुछ लोग कथित रूप से जले हुए धार्मिक ग्रंथों के पन्नों के साथ प्रभुमान सिंह को लेकर गुरुद्वारे पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने पर निर्मल सिंह भी वहां पहुंच गए। इसके बाद पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस से शिकायत की गई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
तहरीर में निर्मल सिंह ने आश्रम के महंत लक्ष्मण दास शास्त्री पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि धार्मिक ग्रंथों के पन्ने जलाए जाने की घटना से सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने घटना से संबंधित वीडियो उपलब्ध होने का दावा भी किया है।
मामला केवल धार्मिक ग्रंथों के पन्ने जलाए जाने के आरोप तक सीमित नहीं है। शिकायत में आश्रम से संबंधित जमीन के दस्तावेज जलाने और अन्य दस्तावेजों में कथित तौर पर गलत तरीके से नाम दर्ज कराने की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की जांच कर दोनों नामजद लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की वास्तविकता
सदर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब मामले से जुड़े तथ्यों, कथित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है। फिलहाल नामजद व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
निघासन के नौबना गांव में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, क्षेत्र में पकड़ा गया 16वां तेंदुआ।

















