लखीमपुर खीरी। शारदा नदी के आसपास बाढ़ का पानी कम होने के बाद ब्लॉक बिजुआ क्षेत्र के बेल्हा सिकटिहा गांव में बाघ की मौजूदगी की सूचना से हड़कंप मच गया। पानी से घिरे खेतों और झाड़ियों के बीच बाघ के फंसे होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। ग्रामीणों में दहशत को देखते हुए इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी का जलस्तर घटने के बावजूद गांव के आसपास के कई खेतों और निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। इसी जलभराव वाले क्षेत्र में बाघ दिखाई देने की सूचना सामने आई। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही गोला और आरएसटी वन रेंज की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बाढ़ के पानी और घनी झाड़ियों के कारण बाघ की सटीक लोकेशन पता करने में वनकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रोन कैमरे से बाघ की लोकेशन तलाश रहा वन विभाग
बाघ की तलाश के लिए वन विभाग अब ड्रोन कैमरे की मदद ले रहा है। टीम द्वारा जलभराव वाले खेतों, झाड़ियों और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की कोशिश है कि बाघ की स्थिति का पता लगाकर उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए।
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ग्रामीणों से घरों में रहने की अपील
बाघ की मौजूदगी की सूचना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले खेतों या झाड़ियों की ओर न जाएं और बाघ की तलाश में खुद किसी तरह की कोशिश न करें। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टीम लगातार मौके पर निगरानी कर रही है। बाघ की लोकेशन मिलते ही उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़े जाने की कार्रवाई की जाएगी।
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