मेरठ। बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने बुधवार को अहम फैसला सुनाते हुए सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या का दोषी ठहराया। करीब 13 महीने तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों के खिलाफ दोषसिद्धि दर्ज की है। हालांकि, अभी सजा तय नहीं की गई है। सजा की अवधि को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के लिए अदालत ने 14 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से परिस्थितिजन्य, तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान प्रस्तुत किए गए। करीब 126 सुनवाइयों के दौरान अभियोजन ने 22 से अधिक गवाह पेश किए। पुलिस की विवेचना के बाद लगभग एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात भी सामने आई थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 19 सितंबर को फैसला सुरक्षित कर लिया था। बुधवार को जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी माना।
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ड्रम से अवशेष मिलने के बाद सुर्खियों में आया था मामला
मार्च 2025 में सामने आया यह मामला उस समय देशभर में चर्चा का विषय बन गया था, जब पुलिस जांच के दौरान सौरभ के अवशेष एक नीले ड्रम से बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने मामले से जुड़े विभिन्न साक्ष्यों और बयानों को अदालत के समक्ष रखा। स्थानीय दुकानदारों सहित अन्य गवाहों के बयान भी मुकदमे की सुनवाई का हिस्सा बने।
दोषसिद्धि के बाद अब अदालत के सामने सजा की मात्रा तय करने का चरण है। अभियोजन पक्ष ने अधिकतम सजा की मांग की है, जबकि बचाव पक्ष को भी सजा के बिंदु पर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
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परिवार की निगाह अब 14 अक्टूबर पर
अदालत के फैसले के बाद सौरभ के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की। सौरभ के भाई राहुल और मां रेनू ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परिवार लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा था। अब उनकी उम्मीदें 14 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई से जुड़ी हैं।
फिलहाल अदालत ने केवल दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है। सजा क्या होगी, इसका निर्णय 14 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत करेगी।
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