रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। कभी-कभी जिंदगी ऐसे पल दिखा देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला झंडी बाजारबाग गांव में सामने आया, जहां करीब 55 वर्षीय राम बहादुर की सांसें अचानक थम गईं। परिजनों ने उन्हें मृत समझ लिया और घर में चीख-पुकार मच गई। पिता की मौत की खबर सुनकर उत्तराखंड में मजदूरी कर रहे उनके तीनों बेटे भी घर के लिए रवाना हो गए। लेकिन करीब आधे घंटे बाद अचानक राम बहादुर की सांसें फिर से चलने लगीं। इसके बाद परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

जानकारी के अनुसार, राम बहादुर पुत्र रामलाल निवासी झंडी बाजारबाग की करवा चौथ के अगले दिन अचानक तबीयत बिगड़ गई और उनकी सांसें थम गईं। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए। घर में रोना-बिलखना शुरू हो गया। इसी बीच उत्तराखंड में दिहाड़ी मजदूरी करने गए उनके तीनों बेटों को पिता की मौत की सूचना दे दी गई। खबर सुनते ही तीनों बेटे घर लौटने के लिए रवाना हो गए।
इसी बीच करीब आधे घंटे बाद राम बहादुर की सांसें दोबारा चलने लगीं। आनन-फानन में परिजन उन्हें इलाज के लिए सीतापुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया। फिलहाल राम बहादुर की हालत में सुधार है और वह घर पर हैं।
बताया जा रहा है कि राम बहादुर टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है। अचानक सांसें थमने और फिर दोबारा चलने की इस घटना ने पूरे परिवार को हैरान कर दिया। जिस घर में कुछ देर पहले मातम पसरा था, वहां फिर से राहत और खुशी का माहौल बन गया।

















