लखीमपुर खीरी। मैगलगंज थाना क्षेत्र में दोमुंहे सांपों की कथित तस्करी के मामले ने अब पुलिस महकमे में भी हलचल मचा दी है। प्रकरण में थाना प्रभारी निरीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात अधिकारियों ने कही है।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उपनिरीक्षक शुभम कुमार, आरक्षी राहुल कुमार, देवेंद्र सिसोदिया, रोहित कुमार, रिक्रूट आरक्षी विश्वास सिंह, रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार यादव तथा रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी देवेंद्र सिंह शामिल हैं।
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मामला रहजनिया अंडरपास के आसपास का बताया जा रहा है। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई में सफेद अर्टिगा कार से दो जीवित दोमुंहे सांप बरामद किए जाने का दावा किया गया था। मौके से तीन युवकों को हिरासत में लिया गया, जबकि तीन अन्य के अंधेरे में भाग निकलने की बात सामने आई थी। पकड़े गए युवकों की पहचान मोनू सिंह, अंकित मौर्य और पुष्कर सिंह उर्फ सोल्जर के रूप में हुई थी। पुलिस के मुताबिक वाहन से चार मोबाइल फोन भी मिले थे। बरामद सांप वन विभाग के सुपुर्द कर दिए गए थे।
पुलिस ने उस समय दावा किया था कि पूछताछ में पकड़े गए युवकों से सांपों को बिक्री के लिए लाए जाने की जानकारी मिली है। मामले में गुड्डू उर्फ जलील खां, अफजाल और पवशाल को फरार बताया गया था।
हालांकि, कार्रवाई के बाद मामला उस समय विवादों में आ गया जब पकड़े गए युवकों के परिजनों ने पुलिस की कहानी पर ही सवाल खड़े कर दिए। अंकित मौर्य के चाचा राधामोहन मौर्य ने आरोप लगाया था कि युवक रुपये लेने के सिलसिले में मैगलगंज पहुंचे थे, जहां पेट्रोल पंप के पास पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। परिजनों ने युवकों को एक निजी मकान में रखे जाने, रुपये मंगवाने और मारपीट किए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे।
परिजनों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया था कि युवकों की कार में बाद में दोमुंहे सांप रखकर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर दी गई। करीब दो लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर कराने के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
अब आठ पुलिसकर्मियों का निलंबन होने के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है। विभागीय जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि सांपों की बरामदगी से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले में अगला कदम तय किया जाएगा।
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