लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि जंगल के वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व में इन दिनों बाघ गर्मी से राहत पाने के लिए वाटर होल्स का सहारा ले रहे हैं। जंगल के राजा घंटों पानी में बैठे रहकर तपिश से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
दुधवा के विभिन्न क्षेत्रों में बने प्राकृतिक और कृत्रिम जलस्रोत इन दिनों बाघों के पसंदीदा ठिकाने बन गए हैं। पानी में आराम फरमाते बाघों के दृश्य वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बाघों समेत अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियां भी जलस्रोतों के आसपास अधिक देखने को मिल रही हैं।
वन विभाग के अनुसार, भीषण गर्मी के मौसम में वन्यजीव पानी की तलाश में अधिक समय जलस्रोतों के पास बिताते हैं। यही वजह है कि जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघों और अन्य वन्यजीवों के दुर्लभ दीदार होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
दुधवा का प्राकृतिक परिवेश इन दिनों एक अलग ही जीवंतता से भर उठा है, जहां एक ओर गर्मी वन्यजीवों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है, वहीं दूसरी ओर पर्यटकों को जंगल के अनोखे और रोमांचक नजारे देखने का अवसर भी मिल रहा है।
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