बहराइच। आमतौर पर सेब की खेती का नाम आते ही लोगों के मन में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की तस्वीर उभरती है, लेकिन बहराइच जिले के जरवल कस्बा निवासी किसान ताज मुहम्मद ने इस धारणा को बदलते हुए अपने खेत में सेब की सफल खेती कर मिसाल कायम की है।

ताज मुहम्मद ने करीब दो बीघा भूमि में सेब के पौधे लगाकर नई शुरुआत की। शुरुआत में कई लोगों ने इसे जोखिम भरा कदम बताया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत, देखभाल तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के सहारे पौधों को तैयार किया। आज उनके बाग में सेब के पेड़ फलों से लदे हुए हैं, जिसे देखकर क्षेत्र के किसान भी आश्चर्यचकित हैं।
ताज मुहम्मद का कहना है कि यदि किसान नई तकनीकों को अपनाएं और फसलों में विविधता लाएं तो कम भूमि में भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि उचित देखभाल और दृढ़ संकल्प के बल पर उन फसलों की खेती भी संभव है, जिन्हें अब तक केवल पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित माना जाता था।
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क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ भी इस उपलब्धि को किसानों के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं। उनका मानना है कि बदलती जलवायु और आधुनिक किस्मों के प्रयोग से भविष्य में तराई क्षेत्र में भी फलोत्पादन की नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।
ताज मुहम्मद की यह पहल न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि बहराइच के किसानों के लिए नवाचार और आत्मनिर्भरता का संदेश भी है। उनकी मेहनत और लगन आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।





























