वृंदावन/मथुरा। आज के दौर में जहां रिश्तों में दूरियां बढ़ने की चर्चाएं आम हैं, वहीं ब्रज की पावन 84 कोसी परिक्रमा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने हजारों लोगों का दिल छू लिया। एक बहू ने अपनी 85 वर्षीय सास की वर्षों पुरानी धार्मिक इच्छा को पूरा करने के लिए खुद को सेवा और समर्पण का माध्यम बना लिया।
परिक्रमा मार्ग पर लोगों की नजरें उस समय ठहर गईं जब प्रीति चौधरी अपनी बुजुर्ग सास चंद्रो देवी को विशेष टब में बैठाकर परिक्रमा कराती दिखाई दीं। उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण सास के लिए यह यात्रा स्वयं पूरी करना संभव नहीं था, लेकिन बहू ने हार मानने के बजाय उनकी आस्था को अपनी जिम्मेदारी बना लिया।
बताया जाता है कि चंद्रो देवी लंबे समय से 84 कोसी परिक्रमा करने की इच्छा रखती थीं। उनकी इसी मनोकामना को पूरा करने के लिए बहू ने कठिन यात्रा का संकल्प लिया और स्वयं उन्हें लेकर परिक्रमा मार्ग पर निकल पड़ी।
इस भावुक दृश्य को देखने वाले श्रद्धालुओं ने इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक संस्कारों और बुजुर्गों के सम्मान का जीवंत उदाहरण बताया। सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग बहू के त्याग, सेवा भावना और समर्पण की सराहना कर रहे हैं।
ब्रज की परिक्रमा में सामने आई यह तस्वीर यह संदेश दे रही है कि सच्चे रिश्ते केवल खून के नहीं, बल्कि सम्मान, प्रेम और कर्तव्य के भाव से मजबूत होते हैं।
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