रिपोर्ट:- शरद मिश्रा “शरद”
लखीमपुर खीरी। स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं और सीएमओ की कार्यशैली से आहत होकर जिले के डिप्टी सीएमओ डॉ. लाल जी पासी ने अपना त्यागपत्र सीएमओ को सौंप दिया है। डॉ. पासी ने त्यागपत्र में विस्तृत रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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डॉ. पासी ने लिखा है कि उन्हें लगातार अनावश्यक रूप से सीएमओ द्वारा परेशान किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा औचक निरीक्षण में सीएचसी पलिया के अधीक्षक डॉ० भरत द्वारा 3 जुलाई 2025 को एक निजी अवैध ‘सेवा हॉस्पिटल’ पलिया पर कार्यवाही के दौरान हॉस्पिटल संचालक के पक्ष में ढेर सारी पब्लिक, पत्रकारों एवं विभागीय स्टाफ के सामने डिप्टी सीएमओ डॉ० लालजी पासी के साथ बदसलूकी, अभद्रता एवं उन्हें घोर अपमानित किया गया। जिसकी सूचना वही पलिया से ही डॉ० पासी ने मौके पर सीएमओ को दूरभाष द्वारा दी गई। वायरल एक ऑडियो रिकार्डिंग में तो डा० भरत द्वारा डॉ० पासी को जाति सूचक गालियां दी जा रही है। डॉ० पासी ने बताया कि चार जुलाई 2025 को उनके द्वारा डॉ० भरत के विरुद्ध लिखित में शिकायती पत्र सीएमओ को दिया जा रहा था तो सीएमओ ने काफी दबाव के साथ लेने से मना कर दिया और यह कहा कि कुछ ऐसा मत लिखकर देना कि जांच का विषय बन जाये और उसकी जिन्दगी खराब हो जाये और डॉ० लालजी पासी को आश्वासन दिया कि वह स्वयं अपने स्तर से कार्यवाही करेंगे? परन्तु सीएमओ द्वारा उसके विरूद्ध आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी बल्कि पुनः डॉ भरत को सीएचसी पलिया का चार्ज दे दिया गया। जबकि डॉ० भारत रेडियोलोजिस्ट है और उनकी तैनाती महिला चिकित्सालय में होनी चाहिए थी। त्यागपत्र में डॉ. पासी ने स्पष्ट कहा है कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे, इसके बावजूद उन्हें न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया बल्कि कार्यस्थल पर उनका अपमान भी हुआ। उन्होंने लिखा है कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता न होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
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डॉ. पासी ने त्याग पत्र में यह भी लिखा है कि सीएमओ की प्रताड़ना से कुछ को छोड़कर बाकी सीएमओ ऑफिस के अधिकारी/कर्मचारी व जिले के समस्त सीएचसी/पीएचसी के लगभग सभी लोग पीड़ित है
त्यागपत्र में उन्होंने अफसोस जताया कि ऐसी परिस्थितियों में वे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने में असमर्थ हो रहे है। लिहाज़ा मजबूरीवश उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। जिले में डिप्टी सीएमओ का त्यागपत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। यह प्रकरण स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और सीएमओ की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर रहा है।




























