लखीमपुर खीरी। थाना निघासन क्षेत्र में नवरात्रि पर्व के समापन के बाद मूर्ति विसर्जन के दौरान और उसके बाद झंडी क्षेत्र के मोल्हेपुरवा गांव में एक मामला चर्चा का विषय बन गया। बुधवार को अदलाबाद घाट पर मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के बाद गांव पहुंचीं करीब आधा दर्जन युवतियां और दो महिलाएं राधा किशन के घर के सामने जमीन पर लोटने लगीं। इस दौरान उन्होंने अपने ऊपर माता रानी का साया होने का दावा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू कर दी।
जानकारी के मुताबिक, थाना निघासन क्षेत्र में नवरात्रि के अवसर पर झंडी चौराहे स्थित मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार को प्रतिमा का विसर्जन अदलाबाद घाट पर किया गया। विसर्जन के बाद ग्रामीण मोल्हेपुरवा गांव पहुंचे। इसी दौरान गांव निवासी राधा किशन के घर के सामने कुछ युवतियों और महिलाओं के जमीन पर लोटने की घटना सामने आई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
नीम के पेड़ के नीचे माता के स्थान को लेकर विवाद
मामले के बीच गांव में एक पुराने धार्मिक स्थल को लेकर भी विवाद सामने आया। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि पहले राधा किशन के घर के बाहर नीम का पेड़ था, जिसके नीचे माता रानी का स्थान बना हुआ था। ग्रामीणों के मुताबिक, बाद में उस स्थान को हटा दिया गया, जिसको लेकर पहले भी नाराजगी जाहिर की गई थी।
ग्रामीणों का दावा है कि उक्त स्थान सार्वजनिक था, जबकि राधा किशन का कहना है कि संबंधित जमीन उनकी निजी जगह है। इसी मुद्दे को लेकर गांव में चर्चा और तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलने पर झंडी चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह पुलिस स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की पड़ताल शुरू की। इसके बाद इंस्पेक्टर गोपाल नारायण सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।
फिलहाल, मामले में धार्मिक स्थल और जमीन के स्वामित्व को लेकर ग्रामीणों तथा संबंधित पक्ष के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं। विवाद से जुड़े तथ्यों की स्थिति पुलिस की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: युवतियों और महिलाओं द्वारा माता रानी का साया होने का दावा ग्रामीणों के बीच सामने आई घटना का हिस्सा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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