रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। दुधवा जंगल से सटे निघासन क्षेत्र के ग्राम नौरंगाबाद और बथुआ में जंगली जानवरों की आवाजाही से ग्रामीणों की सुरक्षा और किसानों की फसलों पर खतरा बना हुआ है। वन्यजीवों के आबादी में प्रवेश की समस्या को देखते हुए निघासन ब्लॉक प्रमुख हरप्रीत कौर और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमनदीप सिंह ने डीएफओ कीर्ति चौधरी को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है। ज्ञापन में वन सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में तार फेंसिंग, सोलर लाइट, सायरन और नाइट विजन कैमरे लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
ग्राम नौरंगाबाद और बथुआ के कई मजरे तथा कृषक आबादी दुधवा जंगल की सीमा से सटे हुए हैं। इन क्षेत्रों में हाथी, बाघ, तेंदुआ, जंगली सूअर और नीलगाय समेत अन्य वन्यजीवों की आवाजाही से ग्रामीणों को लगातार खतरा बना रहता है। रात के समय जंगली जानवरों के आबादी में पहुंचने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है। हाल ही में तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है और वह अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे है।
चार से पांच किलोमीटर क्षेत्र में तार फेंसिंग की मांग
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमनदीप सिंह ने वन सीमा से सटे करीब चार से पांच किलोमीटर के संवेदनशील क्षेत्र में मजबूत लोहे की तार फेंसिंग कराने की मांग की है जो फेंसिंग सोलर करंट रहित हो, ताकि वन्यजीवों और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके तथा जंगली जानवरों के आबादी में प्रवेश को रोकने में मदद मिले।
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जंगल किनारे बसे घरों में लगें सोलर लाइट
जंगल से लगभग 200 से 500 मीटर की परिधि में स्थित गरीब परिवारों के घरों पर सरकारी स्तर से निःशुल्क सोलर लाइट और जरूरत के अनुसार सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई है। साथ ही प्रस्तावित फेंसिंग पर प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर सोलर ब्लिंकर लाइट अथवा तेज रोशनी की व्यवस्था करने की बात कही गई है। वन्यजीवों की आवाजाही वाले स्थानों पर सायरन लगाने का भी अनुरोध किया गया है, जिससे रात में ग्रामीणों को सतर्क किया जा सके।
वन्यजीवों की निगरानी के लिए लगें नाइट विजन कैमरे
वन्यजीवों के आवागमन वाले प्रमुख रास्तों और पगडंडियों पर ट्रैप कैमरे तथा नाइट विजन कैमरे लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। इससे जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनकी मौजूदगी की जानकारी समय रहते ग्रामीणों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि हाथियों के झुंड और जंगली सूअरों के कारण गन्ना, गेहूं, धान तथा सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे सीमांत किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमनदीप सिंह ने डीएफओ से मामले की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इन व्यवस्थाओं से ग्रामीणों की जान-माल और फसलों की सुरक्षा में मदद मिलेगी तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकेगा।
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