लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम के तेवर तल्ख होने वाले हैं। आगामी 26 और 27 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव के साथ ही नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है।
जिन जिलों को रेड अलर्ट में रखा गया है, उनमें श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर शामिल हैं। इन जिलों में प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
वहीं 26 सितंबर को प्रदेश के 32 जिलों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज के अलावा लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, बहराइच और सीतापुर भी फ्लैश फ्लड की चेतावनी वाले जिलों में शामिल हैं।
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सीएम ने अधिकारियों को दिए अलर्ट रहने के निर्देश
प्रदेश में अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बारिश से प्रभावित परिवारों तक राहत और जरूरी मदद तत्काल पहुंचाई जाए तथा बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो।
मुख्यमंत्री ने लोगों से भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली और तेज बारिश के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचें। नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सतर्कता बरतें।
प्रशासनिक स्तर पर भी संभावित जलभराव और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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