निघासन खीरी। ग्राम पंचायतों में पशुमित्रों के नए चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल पैरावेट पशुमित्र मैत्री कार्यकर्ता सेवा समिति संघ ने पशुपालन विभाग की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी निघासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की है कि जिन पंचायतों में पहले से पशुमित्र सेवाएं दे रहे हैं, वहां नए चयन की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पशुपालन विभाग से जुड़े कार्यों को लंबे समय से ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत पशुमित्रों द्वारा जिम्मेदारी के साथ किया जा रहा है। पशुगणना, टीकाकरण, पशुओं के प्राथमिक उपचार, कृमिनाशक दवा देने सहित विभागीय गतिविधियों में ये कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ ऐसी ग्राम पंचायतों में भी नए पशुमित्रों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, जहां पहले से ही पशुमित्र काम कर रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि जिन पंचायतों में पशुमित्र का पद रिक्त है, वहां नए कार्यकर्ता के चयन पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। विरोध केवल उन पंचायतों में नए चयन को लेकर है, जहां पहले से कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
संघ ने विभाग से मांग की है कि मौजूदा पशुमित्रों वाली ग्राम पंचायतों में नए चयन को रोका जाए और रिक्त पंचायतों में ही आवश्यकता के अनुसार चयन किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर विभागीय स्तर से उचित कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संदीप सिंह, संदीप चक्रवर्ती, प्रमोद कुमार वर्मा, मनीष शुक्ला, हरेंद्र सिंह, अनुराग पांडे और रोहित कुमार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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