निघासन खीरी। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बाढ़ का पानी लोगों के लिए पहले ही मुसीबत बना हुआ है। कई गांवों और रास्तों पर पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को दिन-रात खतरे के बीच रहना पड़ रहा है। ऐसे हालात में रात के समय बिजली की बंपर कटौती ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा रही है।
बाढ़ के पानी में सांप, मगरमच्छ समेत अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा बना रहता है। रात में रास्तों और घरों के आसपास पानी भरा होने के कारण अंधेरे में ग्रामीणों के लिए बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के दौरान कम से कम रात के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोग घरों और आसपास के क्षेत्र में संभावित खतरे को देख सकें। एक तरफ बाढ़ का पानी और दूसरी तरफ अंधेरा ऐसे में ग्रामीण आखिर अपनी सुरक्षा कैसे करें?
ग्रामीणों का कहना है कि जो बिजली कटौती रात्रि में होती है उसे दिन में भी कटौती कर लिया जाए मगर रात्रि में बिजली कटौती न की जाए।
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