रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी: शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर और दोबारा पानी छोड़े जाने से निघासन तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। झंडी स्टेट के राजा राज राजेश्वर सिंह के प्रयासों से तैयार कराए गए तमोलिनपुरवा बांध के तीन स्थानों से कट जाने के बाद शारदा का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने की सूचना है, जबकि दर्जनों गांवों पर जलभराव और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बताया जाता है कि बीते दिनों अराजकतत्वों द्वारा बांध को काट दिया गया था। उस समय नदी का पानी घटने के कारण बांध कटने के बावजूद बाढ़ का पानी गांवों तक नहीं पहुंच सका था। लेकिन अब शारदा नदी में पुनः पानी छोड़े जाने और जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। तमोलिनपुरवा बांध तीन स्थानों से कटने के कारण पानी का बहाव गांवों की ओर होने लगा है।
बाढ़ का पानी बढ़ने से पुरैना, जीतपुरवा, ठाकुरपुरवा, चंदनपुरवा, तमोलिनपुरवा, टापरपुरवा, लोनियनपुरवा, झंडी, बरोठा, कुर्मीनपुरवा और लांघनियापुरवा समेत दर्जनों गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। कुछ गांवों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों को अपने घरों और फसलों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बांध की मरम्मत कर पानी के बहाव को नियंत्रित नहीं किया गया तो शारदा का पानी तेजी से आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच सकता है। इससे खेतों में खड़ी फसलों के साथ-साथ घरों और ग्रामीण रास्तों के प्रभावित होने की आशंका है।
बांध के तीन स्थानों से कटने के बाद बढ़ते पानी ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीणों ने तत्काल बांध की मरम्मत और बाढ़ के पानी को गांवों तक पहुंचने से रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की है।
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