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मां पुकारती रही शुभम-शुभम, लेकिन हमेशा के लिए खामोश हो गई आवाज, इकलौते बेटे को खोकर बिखर गया परिवार।।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Tuesday, June 9, 2026 11:26 AM

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रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। तहसील धौरहरा क्षेत्र के गांव रायपुर निवासी सात वर्षीय मासूम शुभम पुत्र जवाहर लाल यादव की जान लेने वाले तेंदुए की तलाश सोमवार को काफी तक जारी रही, लेकिन दिनभर चले अभियान के बाद भी वन विभाग और पुलिस के हाथ खाली रहे। खेतों, बागों और जंगल से सटे इलाकों में सघन कांबिंग की गई, मगर हमलावर तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। इससे ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने इलाके में तीन पिंजरे लगाए हैं। निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं और थर्मल ड्रोन की मदद भी ली गई, लेकिन देर शाम तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी। अधिकारियों के मुताबिक हर संभावित स्थान पर नजर रखी जा रही है।

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घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफवाहों का दौर भी चलता रहा। कहीं गन्ने के खेत में तेंदुआ दिखने की सूचना मिली तो कहीं केले के बाग में उसके छिपे होने का दावा किया गया। हर सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में कोई भी सूचना सही नहीं निकली। दिनभर यही स्थिति बनी रही और अधिकारी लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक दौड़ते रहे।
उधर, शुभम की मौत के बाद रायपुर और आसपास के गांवों में शोक और डर का माहौल है। ग्रामीण अपने बच्चों को अकेला छोड़ने से बच रहे हैं। शाम होते ही गांवों की रौनक सिमट गई और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखाई दिए।
सोमवार को शुभम् का अंतिम संस्कार भी गमगीन माहौल में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हर आंख नम थी और हर जुबान पर मासूम की मौत का जिक्र था। शुभम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत के बाद मां शांती का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के दर्द ने अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिला। परिजनों ने घायल बच्चे को समय पर समुचित इलाज न मिलने का आरोप लगाया। इसी को लेकर ग्रामीण सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। बाद में क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी और अधिकारियों के समझाने पर मामला शांत हुआ।
गौरतलब है कि दो माह पहले भी निघासन क्षेत्र में तेंदुए के हमले में एक मासूम की जान चली गई थी। ऐसे में रायपुर की घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल लोगों की निगाहें उस तेंदुए पर टिकी हैं, जिसकी तलाश में पूरा प्रशासन जुटा है, लेकिन जो अब तक पकड़ से बाहर है।

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