रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अंजनी कुमार सिंह अपनी अलग कार्यशैली और जमीनी जुड़ाव के कारण प्रशासनिक हलकों में खास पहचान रखते हैं। मूल रूप से चंदौली जनपद के निवासी अंजनी कुमार सिंह का जन्म 1 अगस्त 1972 को हुआ था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और बाद में आईएएस बने।
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अंजनी कुमार सिंह की कार्यशैली उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग बनाती है। वह सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को परखते हैं। खासतौर पर शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रियता उल्लेखनीय है।
विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान वह केवल औपचारिकता निभाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सीधे कक्षा में पहुंचकर बच्चों से संवाद करते हैं। कई बार वह खुद ब्लैकबोर्ड पर खड़े होकर पढ़ाते नजर आते हैं, जिससे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और शिक्षकों को भी प्रेरणा मिलती है।
मैनपुरी में जिलाधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई प्रभावी पहल कीं। उनके प्रयासों से विद्यालयों में अनुशासन, उपस्थिति और पढ़ाई का स्तर बेहतर हुआ।
अंजनी कुमार सिंह की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बन चुकी है, जो प्रशासनिक सख्ती के साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी महत्व देते हैं। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और जमीनी कार्यशैली उन्हें एक प्रभावी और प्रेरणादायक प्रशासक बनाती है। अंजनी कुमार सिंह के सराहनीय कार्यों को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सबसे बड़े जनपद लखीमपुर खीरी की कमान इन्हें सौंपी है।
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