रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। सुहेली नदी की डिसिल्टिंग (गाद निकालने) की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों की समस्या को लेकर पलिया विधायक रोमी साहनी ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को उन्होंने अपने पलिया स्थित आवास पर दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा रेंजर, एसडीएम पलिया, तहसीलदार पलिया, सीओ पलिया, इंस्पेक्टर पलिया समेत संबंधित अधिकारियों को बुलाकर किसानों की समस्या पर चर्चा की। विधायक ने अधिकारियों से जल्द से जल्द स्टडी टीम बुलाने और सुहेली नदी की डिसिल्टिंग की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश दिए।
विधायक रोमी साहनी ने स्पष्ट कहा कि सुहेली नदी की समस्या से प्रभावित किसान लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं। किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और क्षेत्र में भारी तबाही की स्थिति बन रही है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाना चिंताजनक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए स्टडी टीम के आने की तारीख और समय जल्द निर्धारित किया जाए, ताकि टीम मौके पर पहुंचकर नदी की स्थिति का अध्ययन कर सके।

स्टडी टीम के आने तक धरना समाप्त नहीं करने पर अड़े किसान
विधायक ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग सुहेली नदी की डिसिल्टिंग के लिए स्टडी टीम बुलाकर स्थलीय अध्ययन कराने की है। किसानों का धरना तभी समाप्त होगा, जब स्टडी टीम मौके पर आकर अध्ययन करेगी। ऐसे में अधिकारियों को इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी मांग पर ठोस पहल का भरोसा मिल सके।
18 वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की मांग
रोमी साहनी ने कहा कि सुहेली नदी की समस्या करीब 18 वर्षों से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। नदी की डिसिल्टिंग की तैयारी अभी से शुरू की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान और ग्रामीणों की मुश्किलों को कम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्या को केवल तात्कालिक रूप से देखने के बजाय इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता से काम किया जाए।
विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की परेशानी, उनकी फसलों के नुकसान और क्षेत्र में होने वाली तबाही को देखते हुए अब और देरी नहीं होनी चाहिए। किसानों की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों से सुहेली नदी की डिसिल्टिंग के लिए आवश्यक अध्ययन और आगे की कार्रवाई में तेजी लाने पर जोर दिया।
सुहेली नदी की डिसिल्टिंग को लेकर अब क्षेत्रीय किसानों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और स्टडी टीम के आगमन पर टिकी हैं। किसानों को उम्मीद है कि मौके पर अध्ययन होने के बाद नदी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

















