रिपोर्ट:- दीप शंकर मिश्र “दीप”
लखीमपुर खीरी। प्रशासनिक सेवा में किसी अधिकारी की पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके काम करने के तरीके और जनता के साथ उसके जुड़ाव से भी बनती है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के रहने वाले IAS अधिकारी योगानंद पाण्डेय भी उन अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने प्रदेश के कई जिलों में अलग-अलग प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाते हुए अनुभव हासिल किया है। आइए जानते हैं कौन हैं IAS योगानंद पाण्डेय और कैसा रहा है उनका प्रशासनिक सफर।
महाराजगंज से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
योगानंद पाण्डेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2011 बैच के PCS अधिकारी रहे हैं। वर्ष 2026 में पदोन्नति के बाद उन्हें IAS में शामिल किया गया। वर्तमान में उन्हें लखीमपुर खीरी जिले में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कई जिलों में संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
योगानंद पाण्डेय का प्रशासनिक अनुभव उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ है। वह बलिया, आजमगढ़, सिद्धार्थनगर, प्रतापगढ़ और लखीमपुर खीरी में उपजिलाधिकारी (SDM) के पद पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा जौनपुर में सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में सेवाएं दीं, जबकि श्रावस्ती, मथुरा और अयोध्या में अपर जिलाधिकारी (ADM) की जिम्मेदारी भी संभाली।
अलग-अलग जिलों में काम करने के दौरान उन्हें स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक चुनौतियों और जनता से जुड़े मुद्दों को करीब से समझने का अवसर मिला। यही अनुभव उनके प्रशासनिक सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

जनता के बीच पहुंचकर समस्याएं समझने की कार्यशैली
किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के लिए सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारना और आम लोगों की समस्याओं को समझना बड़ी जिम्मेदारी होती है। योगानंद पाण्डेय की कार्यशैली को लेकर यह बात सामने आती रही है कि वह जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और जमीनी हकीकत समझने पर जोर देते हैं।
जनता से सीधा संवाद प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्थानीय परिस्थितियों को समझकर समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास करना किसी अधिकारी की कार्यशैली का अहम पहलू माना जाता है।
अब लखीमपुर खीरी में निभा रहे सीडीओ की जिम्मेदारी
आईएएस अधिकारी योगानंद पाण्डेय को अभी हाल ही में लखीमपुर खीरी के मुख्य विकास अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी मिली है। जिले में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन, ग्रामीण विकास कार्यों की निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सीडीओ के प्रमुख दायित्वों में शामिल हैं।
कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके योगानंद पाण्डेय का अनुभव इस नई भूमिका में भी महत्वपूर्ण रहेगा। उनके प्रशासनिक सफर को जानने के लिए लोगों की दिलचस्पी का एक प्रमुख कारण यही है कि उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक चुनौतियों का सामना किया है।
कुल मिलाकर, आईएएस योगानंद पाण्डेय का सफर पीसीएस अधिकारी के रूप में शुरुआत करने से लेकर आईएएस तक पहुंचने का रहा है। महाराजगंज से संबंध रखने वाले योगानंद पाण्डेय अब लखीमपुर खीरी में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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