रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन क्षेत्र के कुर्मीनपुरवा नहर की पुलिया के पास करीब एक साल पहले बनाई गई रिटेनिंग वॉल नहर में आए पानी का दबाव नहीं झेल सकी और धंस गई। दीवार में आई दरार और क्षतिग्रस्त हिस्से को देखकर अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप कराया गया होता तो इतनी कम अवधि में दीवार की यह हालत नहीं होती।
बताया जा रहा है कि नहर विभाग की ओर से नहर के किनारे सुरक्षा और कटान रोकने के उद्देश्य से इस रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराया गया था। लेकिन निर्माण के महज करीब एक वर्ष बाद ही दीवार के क्षतिग्रस्त होने से कार्य की मजबूती और गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। नहर में पानी बढ़ने के बाद दीवार के धसने की तस्वीरें सामने आने पर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर के पानी के दबाव को देखते हुए रिटेनिंग वॉल का निर्माण मजबूत और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए था। इतनी जल्दी दीवार के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल की तत्काल मरम्मत कराकर नहर के किनारे संभावित कटान और अन्य नुकसान को रोका जाए।
अब देखना यह है कि नहर विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और करीब एक वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हुई रिटेनिंग वॉल की गुणवत्ता की जांच कब तक कराई जाती है।
इससे पहले करमूपुरवा पुलिया के पास भी रिटेनिंग वॉल धंस कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। खबर प्रकाशन के बाद नहर विभाग द्वारा उसे सही कराया गया था।
लखीमपुर खीरी में 28 सितंबर को सभी स्कूल बंद, डीएम के निर्देश पर अवकाश घोषित।
















