लखीमपुर खीरी। धौरहरा क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में खराब रास्ते को लेकर शुरू हुआ विरोध अब पुलिस पर गंभीर आरोपों के बाद तूल पकड़ता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन पहले रास्ते की समस्या को लेकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद सोमवार देर रात पुलिस गांव पहुंची और कई घरों में घुसकर ग्रामीणों के साथ मारपीट की। घटना में महिलाओं और बच्चों समेत करीब 16 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव की गलियां लंबे समय से कीचड़ और जलभराव की समस्या से जूझ रही हैं। हालात यह हैं कि लोगों के लिए अपने घरों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने हाल में धरना दिया था। प्रदर्शन के दौरान धौरहरा विधायक और ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी भी की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद से माहौल तनावपूर्ण था।
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बताया जा रहा है कि सोमवार को ग्राम प्रधान भग्गू खां की ओर से पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि देर रात पुलिसकर्मी गांव पहुंचे और कुछ घरों में दाखिल होकर लोगों के साथ मारपीट की। आरोप यह भी है कि कार्रवाई के दौरान गांव की बिजली आपूर्ति बंद हो गई, जिससे घटना का वीडियो बनाने की संभावना कम हो गई।
मारपीट में मुन्नू देवी, शकुंतला, सुनीता, कृष्णा देवी, रामावती, राधारानी, रामकली, राजेंद्र राजपूत, राम मित्र, तीर्थराम, कैलाश, राधेश्याम, सुशील और लवकुश समेत कई ग्रामीणों के घायल होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को धौरहरा सीएचसी पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से ग्रामीणों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है।
सीओ धौरहरा शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि सिसैया खुर्द गांव से मारपीट की सूचना मिली थी, लेकिन किसी व्यक्ति ने शिकायत नहीं की। पुलिस द्वारा ग्रामीणों की पिटाई किए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि गांव की बदहाल सड़क और रास्ते की समस्या को लेकर शुरू हुआ विरोध आखिर उस स्थिति तक कैसे पहुंचा, जहां ग्रामीण पुलिस पर घरों में घुसकर मारपीट के आरोप लगा रहे हैं। जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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