लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में गन्ना सर्वे होगा हाईटेक, API से होगा भूमि अभिलेखों का सत्यापन, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक।।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Sunday, July 26, 2026 4:32 PM

Google News
Follow Us

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना सर्वे और सट्टा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) पोर्टल पर उपलब्ध गन्ना क्षेत्रफल का सत्यापन भू-राजस्व अभिलेखों से API (Application Programming Interface) के माध्यम से किया जाएगा। इससे फर्जी क्षेत्रफल दर्ज कराने वाले तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और वास्तविक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर शुरू हुई नई व्यवस्था

गन्ना एवं चीनी विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और शासन के निर्देशों के क्रम में यह व्यवस्था लागू की है। इसका उद्देश्य गन्ना सर्वे, सट्टा निर्धारण और गन्ना आपूर्ति प्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित तथा किसान हितैषी बनाना है। भू-राजस्व अभिलेखों और स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल के आंकड़ों का मिलान होने से केवल वास्तविक गन्ना क्षेत्रफल ही दर्ज किया जाएगा।

अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

25 जुलाई 2026 को न्यू स्कॉलर हॉस्टल सभागार में अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर और देवरिया परिक्षेत्र के अधिकारियों एवं फील्ड कर्मचारियों को वर्चुअल प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में डेटा मैपिंग, सत्यापन प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई ताकि निर्धारित समय में पारदर्शी ढंग से सत्यापन कार्य पूरा किया जा सके।

पहले चरण में बड़े गन्ना क्षेत्रफल का होगा सत्यापन

विभाग के अनुसार पहले चरण में एक हेक्टेयर से अधिक गन्ना क्षेत्रफल वाले किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। इससे फर्जी प्रविष्टियों और तथाकथित गन्ना माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। सत्यापन के बाद केवल पात्र किसानों का वास्तविक गन्ना क्षेत्रफल ही पोर्टल पर दर्ज रहेगा।

63 बिंदुओं की मिलेगी जानकारी, मौके पर होगा समाधान

अभियान के तहत किसानों को गन्ना सर्वे और सट्टा से जुड़े 63 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी किसान को सर्वे या सट्टा संबंधी कोई शिकायत होगी तो उसका निस्तारण मौके पर ही करने की व्यवस्था रहेगी, जिससे किसानों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सहकारी समितियों का भी मिलेगा सहयोग

गन्ना आयुक्त ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सहकारी गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा। विभाग का विश्वास है कि तकनीकी समन्वय से गन्ना सर्वे प्रणाली और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा किसान हितैषी बनेगी।

कौन हैं IAS डॉ. राजा गणपति आर? जानिए सीतापुर के जिलाधिकारी की सफलता, ईमानदारी और जनहित वाली कार्यशैली।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Related News

October 29, 2026

October 28, 2026

October 28, 2026

October 28, 2026

October 27, 2026

October 27, 2026

2 thoughts on “उत्तर प्रदेश में गन्ना सर्वे होगा हाईटेक, API से होगा भूमि अभिलेखों का सत्यापन, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक।।”

Leave a Comment