रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत और लगन से सफलता की नई मिसाल पेश करने वाले छात्र उमाशंकर से मिलने डीएम अंजनी कुमार सिंह खुद उसके गांव पहुंचे। करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे डीएम ने किसी औपचारिकता के बजाय सादगी को चुना और झोपड़ी के बाहर पड़ी खटिया पर बैठकर छात्र से आत्मीय बातचीत की।
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में 93.60% अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान पाने वाले उमाशंकर की उपलब्धि ने सभी को प्रभावित किया है। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल करना अपने आप में एक प्रेरणादायक कहानी है।
डीएम ने छात्र की मेहनत की सराहना करते हुए उसका हौसला बढ़ाया और आगे की पढ़ाई के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उमाशंकर जैसे प्रतिभाशाली छात्र जिले का नाम रोशन कर रहे हैं और प्रशासन उनकी हर जरूरत में साथ खड़ा रहेगा।
बातचीत के दौरान उमाशंकर ने बताया कि उसका सपना इंजीनियर बनकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन करना है। डीएम ने उसके इस लक्ष्य को सराहा और उसे निरंतर मेहनत करते रहने की सलाह दी।
डीएमका यह सादगीपूर्ण और प्रेरणादायक कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने भी जिलाधिकारी के इस व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि इससे छात्रों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।
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