रिपोर्ट:- दीप शंकर मिश्र “दीप”
लखीमपुर खीरी। जनपद की राजनीति में वरिष्ठ भाजपा नेता शरद बाजपेई ऐसा नाम हैं, जो किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। भाजपा पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा, संगठन के लिए समर्पण और जनसेवा के कारण न केवल भाजपा कार्यकर्ता बल्कि आम जनमानस भी उनका नाम बड़े सम्मान के साथ लेता है।
शरद बाजपेई ने अपने पिता स्वर्गीय डॉ. जयशंकर बाजपेई के पदचिह्नों पर चलते हुए हमेशा भारतीय जनता पार्टी और संगठन के प्रति पूरी निष्ठा दिखाई है। उनका परिवार लंबे समय से जनसंघ और भाजपा की विचारधारा से जुड़ा रहा है।
बताया जाता है कि जब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे, उस समय उनका शरद बाजपेई के पिता डॉ. जयशंकर बाजपेई से घनिष्ठ संबंध था। वह अक्सर उनके आवास पर आते थे, वहीं रुकते थे और उनके साथ क्षेत्र का भ्रमण भी किया करते थे। इससे परिवार की पार्टी के साथ गहरी वैचारिक और संगठनात्मक निष्ठा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वरिष्ठ भाजपा नेता शरद बाजपेई ने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह वर्ष 2004 से 2007 तक भाजपा से लखीमपुर खीरी के जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद वर्ष 2016 से 2018 तक भी उन्होंने भाजपा के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती देने का काम किया। वर्तमान समय में वह पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वहींउनके पिता स्वर्गीय डॉ. जयशंकर बाजपेई भी जिले की राजनीति में एक सम्मानित नाम रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1977 से 1980 तक जनता पार्टी से लखीमपुर खीरी के जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके बाद 1980 से 1987 तथा 1989 से 1991 तक भाजपा के जिलाध्यक्ष रहते हुए संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।
राजनीतिक विरासत और संगठन के प्रति समर्पण की यही परंपरा आज भी शरद बाजपेई आगे बढ़ा रहे हैं। लंबे समय से पार्टी और समाज के बीच सक्रिय रहते हुए उन्होंने क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाई है।

























