लखनऊ। विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे ही इसकी चर्चाएं भी बढ़ती जा रही है वो इसलिए क्योंकि बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी नुकसान हुआ था जिसके चलते बीजेपी ने अपनी कई सीटें गंवाई और समाजवादी पार्टी ने अपना सिक्का जमाया। ऐसे में सुगबुगाहट होती दिखी थी कि यदि बीजेपी टिकट बदलती तो शायद परिणाम कुछ और ही होता। यह सुगबुगाहट आज भी लोगों के जहन में कहीं न कहीं चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्र बताते है कि उत्तरप्रदेश के ईमानदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लोकसभा की कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने की बात कही थी मगर कहीं न कहीं उनकी बात को हल्के में लिया गया और परिणाम भी बिल्कुल अलग ही निकला।
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लोकसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा चुनाव की हलचल तेज होती दिख रही है जिसके चलते भाजपा पार्टी ने भी अपनी कमर कस ली है। सूत्र बताते है कि इस बार कम से कम 100 से भी ज्यादा विधायकों के टिकट कटेंगे क्योंकि बीजेपी इस बार जानबूझ कर दुबारा लोकसभा चुनाव की तरह गलती नहीं करना चाहती। ये ऐसे विधायक होंगे जो सिर्फ चुनावी दिनों में ही क्षेत्र में नजर आए बाकी पांच साल जनता के बीच नहीं गए और न ही क्षेत्र में विकास कार्यों को किया। कुछ ऐसे विधायक भी है जिन्होंने पूरे पांच साल सिर्फ और सिर्फ अपनी जेब को ही गर्म किया तो कुछ ऐसे है जिन्होंने पार्टी में रहकर ही पार्टी के साथ भीतरघात किया। बात करें यूपी के सबसे बड़े जनपद लखीमपुर खीरी की तो यहां आठों विधानसभा पर बीजेपी का कब्जा है हालांकि की यहां दोनों लोकसभा सीटों पर भी बीजेपी का कब्जा था मगर बीते लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशियों ने बाजी मारी और दोनों सीटों पर बीजेपी हार गई। मिली जानकारी के अनुसार लखीमपुर खीरी में भी कुछ विधानसभा सीटों पर टिकट कटने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना यह है कि किस विधायक को बीजेपी पुनः मौका देगी और किस विधायक का टिकट कटता है यह सब अभी समय के गर्भ में है।
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