लखीमपुर खीरी। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत लखीमपुर खीरी पुलिस ने पीड़िताओं को आर्थिक सहायता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 में जिले की 213 पीड़िताओं को कुल 7 करोड़ 16 लाख 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस के अनुसार, यह सहायता अपराध से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक संबल देने तथा उनके पुनर्वास में मदद करने के उद्देश्य से दिलाई गई है। इससे पीड़िताओं को इलाज, शिक्षा, कानूनी पैरवी और जीवन-यापन से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहारा मिल सकता है।
एसपी खीरी के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में जिले के थानों के प्रभारियों, विवेचकों और नोडल पुलिस अधिकारियों ने योजना के तहत पात्र पीड़िताओं के मामलों में कार्रवाई की।
पुलिस द्वारा संबंधित मामलों की एफआईआर, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य आवश्यक कानूनी दस्तावेजों को सम्मान कोष पोर्टल पर अपलोड कर जिला संचालन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन प्रकरणों में समयबद्ध तरीके से पत्रावलियां भेजने पर जोर दिया गया, ताकि पात्र पीड़िताओं को योजना का लाभ दिलाया जा सके।
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बैंक खातों में पहुंचाई गई सहायता राशि
प्रेस नोट के मुताबिक, स्वीकृत आर्थिक सहायता पीड़िताओं या उनके आश्रितों के बैंक खातों में हस्तांतरित कराई गई। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सहायता राशि को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों से उबरने में मदद करना है।
वहीं, थानों की महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति टीमों ने पीड़िताओं तथा उनके परिजनों को योजना की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों और सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी देकर सहयोग किया।
महिलाओं की सुरक्षा और पुनर्वास पर जोर
खीरी पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में प्रभावी कार्रवाई के साथ पीड़िताओं को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना भी प्राथमिकता है। मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत महिलाओं को न्याय दिलाने, आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास जारी रहेंगे।
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