लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर एक जिलाधिकारी के सरकारी आवास पर दीये जलाए जाने को लेकर खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पहले राजनीति का ‘अपराधीकरण’ कर रही थी और अब राजनीति का ‘अधिकारीकरण’ कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिलाधिकारी आवास पर जलाए गए दीयों, तेल-बाती और उन्हें लगवाने में हुए खर्च का भुगतान किस मद से किया गया। अखिलेश ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि खर्च जिलाधिकारी के व्यक्तिगत खाते से हुआ है या जनता के टैक्स के पैसे से।
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सपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि पहले ‘केयर फंड’ और अब ‘चापलूसी फंड’ की बात सामने आ रही है, इसलिए इसकी खाता-बही जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दीये जलाने की मजबूरी में न जाने कितने लोगों के दिल जले होंगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जितने दीये जलाए गए या जलाए जाने की अनुमति दी गई, उससे लखनऊ का रिकॉर्ड नहीं टूट पाया।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में 500 बाइकों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि यदि यूपी-32 नंबर से शुरू हुई ये बाइकें कहीं भेजी जा रही हैं तो उनमें इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल पर होने वाले खर्च और विदेशी मुद्रा से खरीदे जाने वाले तेल की बर्बादी को लेकर क्या विचार किया गया है। उन्होंने तंज करते हुए पूछा कि तेल की बचत को लेकर केवल खाने वाले तेल के इस्तेमाल में कमी की अपील है या वाहनों, लालटेन और दीयों के तेल को लेकर भी यही नीति लागू है।
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनके बयान के बाद सरकारी खर्च, प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका और ऐसे आयोजनों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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