निघासन खीरी। भूकंप जैसी अचानक आने वाली प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रशासन और विभिन्न विभागों की तैयारियों की शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन में परीक्षा हुई। यहां वास्तविक आपदा जैसा माहौल तैयार कर राहत और बचाव अभियान का अभ्यास कराया गया। इस दौरान यह परखा गया कि हादसे की स्थिति में प्रभावित लोगों को कितनी तेजी से सुरक्षित निकाला जा सकता है और घायलों तक चिकित्सा सुविधा किस तरह पहुंचाई जाएगी।
मॉकड्रिल के दौरान आपदा की सूचना मिलते ही संबंधित टीमें सक्रिय हुईं। बचाव दल ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजने तथा मौके पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करने का अभ्यास किया। अलग-अलग विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और आपसी तालमेल की भी पड़ताल की गई।
प्रशासन ने अभ्यास को व्यापक रूप देने के लिए बड़ी संख्या में संसाधन मौके पर लगाए। राहत-बचाव अभियान में 77 आपदा मित्र, दो फायर टेंडर, दो एंबुलेंस, एक बस, एक वैन, एक जेसीबी और चार छोटे वाहन शामिल किए गए। पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की टीमें भी अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के साथ मैदान में रहीं।
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जिम्मेदारियां तय, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
मॉकड्रिल के दौरान एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह को इंसिडेंट कमांडर बनाया गया। तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने डिप्टी इंसिडेंट कमांडर की भूमिका निभाई। नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार को लाइजन ऑफिसर तथा सीओ निघासन शिवम कुमार को ऑपरेशन सेक्शन चीफ की जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आपदा के बाद अस्पताल पहुंचने वाले घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। वहीं पुलिस, अग्निशमन कर्मियों और आपदा मित्रों ने रेस्क्यू अभियान से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।
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असली आपदा में न हो अफरा-तफरी, इसी पर फोकस
मॉकड्रिल के जरिए प्रशासन ने यह जानने का प्रयास किया कि भूकंप जैसी आपात स्थिति में उपलब्ध मानव संसाधन और वाहनों का इस्तेमाल कितनी प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। साथ ही अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय और घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी परखा गया।
अभ्यास के बाद अधिकारियों ने मौके की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और आपदा की वास्तविक स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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