लखनऊ। आईएएस में चयन के बाद अब वैभव मिश्रा को अंबेडकर नगर का नया CDO बनाया गया है। प्रशासनिक सेवा में अपनी ईमानदार छवि और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले वैभव मिश्रा की नई तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैभव मिश्रा वर्ष 2011 बैच के पीसीएस अधिकारी रहे हैं। हाल ही में उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा में हुआ और उन्होंने 30 जून 2026 को आईएएस अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। आईएएस बनने के बाद उन्हें अंबेडकर नगर में CDO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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संघर्षों से भरा रहा शुरुआती जीवन
25 नवंबर 1980 को जन्मे वैभव मिश्रा का जीवन शुरुआती दौर से ही संघर्षों से भरा रहा। जब वह महज दो वर्ष के थे, तभी उनके पिता एसपी मिश्रा का निधन हो गया था। उनके पिता भारतीय सेना में वारंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहे। उनकी मां ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में परिवार की जिम्मेदारी संभाली और बेटे की पढ़ाई जारी रखी।
वैभव मिश्रा मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले की पट्टी तहसील क्षेत्र के गजरिया गांव के निवासी हैं। उन्होंने शुरुआती शिक्षा गजरिया स्थित ठाकुर श्यामसुंदर सिंह स्कूल से हासिल की। इसके बाद पट्टी के राम राज इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और लालगंज के रामअजोर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने जेआरएफ की पात्रता भी हासिल की। प्रशासनिक सेवा में जाने का जुनून ऐसा रहा कि बिना किसी कोचिंग की मदद के उन्होंने 2008 पीसीएस परीक्षा में टॉप किया।
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पहली पोस्टिंग से ही रही अलग पहचान
वैभव मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली उनकी शुरुआती तैनातियों से ही चर्चा में रही है। इलाहाबाद सदर के एसडीएम के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने मीरगंज क्षेत्र के वेश्यालयों को स्थानांतरित कराने की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ भी अभियान चलाया, जिसके चलते उनकी कार्यशैली की चर्चा हुई।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान उनकी छवि ऐसे अधिकारी के रूप में बनी, जो नियमों के पालन और सरकारी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने को प्राथमिकता देते हैं।
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