रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। बाढ़ से दर्जनों गांवों को बचाने के लिए तैयार कराया गया करीब तीन किलोमीटर लंबा तमोलिनपुरवा बांध रविवार देर रात अराजकतत्वों की करतूत का शिकार हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ लोग नाव से बांध तक पहुंचे और रात के अंधेरे में बांध को काटकर फरार हो गए। बांध कटने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और दर्जनों गांवों पर एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा।
भाजपा के प्रदेश संयोजक एवं झंडी स्टेट के राजा राज राजेश्वर सिंह के प्रयासों से इस बांध को पहले की अपेक्षा अधिक मजबूत कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष बाढ़ के दौरान बांध ने पानी के तेज बहाव को काफी हद तक रोककर गांवों को राहत पहुंचाई थी। ऐसे में बांध काटे जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
बताया जाता है कि पिछले वर्ष भी अराजकतत्वों ने इसी बांध को काट दिया था। घटना के बाद राजा राज राजेश्वर सिंह ने पहल करते हुए बांध को और अधिक मजबूत करवाया था। कुछ माह पूर्व जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर बांध का औचक निरीक्षण किया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार देर रात नाव से आए लोगों ने बांध को काटकर बाढ़ का रास्ता खोल दिया। घटना के बाद से ग्रामीण प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ा तो कटे हुए हिस्से से पानी तेजी से गांवों की ओर पहुंच सकता है और हालात गंभीर हो सकते हैं।
हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद अभी तक बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बांध के कटे हिस्से को तत्काल बंद कराने, मौके पर निगरानी बढ़ाने और बांध काटने वाले अराजकतत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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