लखनऊ। मेरठ में चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच पुलिस कार्रवाई का मामला अब प्रदेश की राजनीति और सामाजिक संगठनों के बीच बहस का विषय बन गया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग और मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय की कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद तथा बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी इस प्रकरण पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए कानून के दायरे में निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने मेरठ पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की भी घोषणा की है।
इसी बीच योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने एसएसपी अविनाश पांडेय के समर्थन में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और यदि किसी अधिकारी ने शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से विधिसम्मत कार्रवाई की है तो उसका मूल्यांकन तथ्यों और जांच के आधार पर किया जाना चाहिए।
मंगेश त्रिवेदी ने कहा कि किसी भी घटना में निष्पक्ष जांच आवश्यक है तथा कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में न्याय, शांति और कानून के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फिलहाल यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
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