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सेवा की मिसाल बने ‘भंडारा किंग’ ने दुनिया को कहा अलविदा, हरिद्वार में शोक की लहर।।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Saturday, July 11, 2026 2:30 PM

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हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में वर्षों से साधु-संतों, जरूरतमंदों और राहगीरों के लिए भोजन की व्यवस्था कराने वाले रमाशंकर गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की खबर से उन लोगों में शोक की लहर है, जो उन्हें उनकी सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण के लिए जानते थे।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद से संबंध रखने वाले रमाशंकर गुप्ता ने हरिद्वार को अपनी कर्मभूमि बनाया था। उन्होंने किसी बड़े संगठन या संस्था के सहारे नहीं, बल्कि लोगों के सहयोग से जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का कार्य शुरू किया था। समय के साथ उनकी यह पहल इतनी लोकप्रिय हुई कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु उन्हें पहचानने लगे।

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हर की पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाले रमाशंकर गुप्ता श्रद्धालुओं को जरूरतमंदों के लिए भोजन कराने के लिए प्रेरित करते थे। उनका मानना था कि तीर्थ यात्रा तभी सार्थक है जब उसके साथ सेवा और परोपकार भी जुड़ा हो। इसी सोच के साथ वे साधु-संतों, गरीबों और बेसहारा लोगों के लिए नियमित रूप से भोजन की व्यवस्था कराने में जुटे रहते थे।
धर्मनगरी में उनकी पहचान किसी प्रचार या पद से नहीं, बल्कि सेवा के कार्यों से बनी। श्रद्धालुओं के बीच वे भरोसे का एक ऐसा नाम बन गए थे, जिनके माध्यम से लोग दान और सेवा कार्यों में भागीदारी निभाते थे। वर्षों तक उन्होंने जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने की मुहिम को निरंतर आगे बढ़ाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रमाशंकर गुप्ता ने सेवा को ही अपना जीवन बना लिया था। यही कारण है कि उनके निधन के बाद उन्हें याद करने वालों की संख्या केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
रमाशंकर गुप्ता का जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि समाज सेवा के लिए बड़े संसाधनों से अधिक जरूरी समर्पण और सकारात्मक सोच होती है। उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में बनी रहेगी, जिसने हजारों जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

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