लखीमपुर खीरी: नए साल के पहले ही दिन निघासन में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा जिसकी मिसाल पहली बार देखने को मिली। 1 जनवरी से 5 जनवरी तक होने वाले शौर्य समृद्धि विराट 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने हिस्सेदारी की।
दोपहर करीब दो बजे यज्ञ स्थल से कलश यात्रा रवाना हुई और सिंगाही रोड स्थित मोटे बाबा स्थान सरयू नदी तक पहुंची। यहाँ श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से जल भरकर पुनः जयघोष के साथ यज्ञ स्थल की ओर प्रस्थान किया। लगभग पाँच बजे कलश यात्रा वापस पहुँची।
सिर पर कलश, हाथों में ध्वज और होंठों पर गायत्री माता की जय के उद्घोष… हजारों महिलाएं कदम से कदम मिलाकर चल रही थीं। श्रद्धा और उत्साह की यह तस्वीर देखने वालों के लिए अद्भुत और अविस्मरणीय रही।
कार्यक्रम के पहले दिन ही करीब 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जो निघासन में किसी भी धार्मिक आयोजन में अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी मानी जा रही है। क्षेत्रवासियों में इस आयोजन को लेकर गजब का उत्साह देखा जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।
निघासन सीओ शिवम कुमार और कोतवाल महेश चंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे और पूरे मार्ग में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते दिखाई दिए। इस भव्य आयोजन की शुरुआत के साथ ही 1 से 5 जनवरी तक निघासन में श्रद्धा, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने की उम्मीद जताई जा रही है।
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निघासन में शौर्य समृद्धि 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की भव्य शुरुआत, कलश यात्रा में उमड़ा जनसागर।।









