रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। जनपद की तहसील निघासन अंतर्गत मुडिया बैलहा गांव की मंजूना पत्नी जव्वाद की जिंदगी में एक के बाद एक ऐसी मुसीबतें आ रही हैं, जिनसे उबर पाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। कुछ महीने पहले सर्पदंश ने उनके पति को उनसे हमेशा के लिए छीन लिया और अब शनिवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने उनके सिर से छत भी छीन ली।
बताया जाता है कि 16 मई 2026 को सर्पदंश के कारण मंजूना के पति जव्वाद की मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी मंजूना के कंधों पर आ गई। पति के जाने का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि शनिवार रात आई तेज आंधी और बारिश के दौरान उनका घर भी भरभराकर गिर गया।
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रात के अंधेरे में घर गिरने से परिवार के सामने अब सिर छिपाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जिस घर में परिवार ने अपनी जिंदगी के सुख-दुख बिताए थे, वह अब मलबे में तब्दील हो गया है। एक तरफ पति को खोने का दर्द और दूसरी तरफ आशियाना उजड़ने की पीड़ा ने मंजूना को बेबस कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि परिवार पहले ही आर्थिक और पारिवारिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में घर गिर जाने से परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का मौके पर पहुंचकर जायजा लेने तथा आवास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बेसहारा परिवार को इस मुश्किल घड़ी में कुछ सहारा मिल सके।
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