संभल। कैलादेवी थाना क्षेत्र के मूसापुर गांव में चार वर्षीय बच्चे को सांप के काटने के बाद जिला अस्पताल में मिले उपचार को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि सांप के काटने के बाद बच्चे को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां कथित तौर पर एंटी वेनम के बजाय एंटी रेबीज इंजेक्शन लगा दिया गया। उपचार के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
मूसापुर गांव निवासी अबुल हसन का चार वर्षीय बेटा अदीब 21 सितंबर को घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान उसका कंचा दीवार में बने एक छेद में चला गया। कंचा निकालने के लिए अदीब ने जैसे ही छेद में हाथ डाला, अंदर मौजूद सांप ने उसे डस लिया। बच्चे के चीखने पर परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर गए।
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परिजनों के मुताबिक अस्पताल में बच्चे को दर्द की दवा देने के साथ एक इंजेक्शन लगाया गया। उनका आरोप है कि सांप के काटने के मामले में एंटी वेनम इंजेक्शन लगाए जाने के बजाय एंटी रेबीज इंजेक्शन लगा दिया गया। उपचार के बाद परिजन बच्चे को घर ले आए।
परिवार का कहना है कि शाम को दवाएं खाने के बाद अदीब को उल्टियां होने लगीं और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया।
घटना के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में बच्चे के उपचार को लेकर सवाल उठाते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सांप के काटने जैसे गंभीर मामले में उपचार के दौरान बरती गई कथित लापरवाही बच्चे की हालत पर भारी पड़ सकती थी। मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
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