कानपुर। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की एसओटी, क्राइम ब्रांच और रेल बाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लाख रुपये से अधिक के नकली नोट, प्रिंटर, स्कैनर और प्रिंटिंग पेपर समेत अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का भी खुलासा हुआ है। आरोपी 10 हजार रुपये के जाली नोट के बदले तीन हजार रुपये की असली रकम लेते थे। इस तरह कम कीमत में नकली करेंसी उपलब्ध कराकर गिरोह उसे बाजार में खपाने का काम करता था।
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संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को दबोच लिया। जांच में आरोपियों के खिलाफ करीब 15 मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बरामद जाली नोटों की वास्तविकता और उनकी गुणवत्ता की जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह कितने समय से जाली नोटों का कारोबार कर रहा था और इनके जरिए नकली करेंसी कहां-कहां तक पहुंचाई गई।
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