रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने निघासन में तिरंगा यात्रा निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। ट्रैक्टरों पर तिरंगा सजाकर बड़ी संख्या में किसान यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के बाद किसानों ने विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम यदुवीर सिंह को सौंपा।
किसानों की तिरंगा यात्रा सिंगाही रोड से शुरू हुई। इसके बाद यात्रा मेन चौराहा और ढखेरवा रोड होते हुए लुधौरी स्थित उपमंडी स्थल पहुंची। यहां किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में किए गए वादों को पूरा कराने समेत खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय सचिव आरएस कुशवाहा ने भी किसानों को संबोधित किया।
एसडीएम के इंतजार में धरने पर बैठे किसान
उपमंडी स्थल पर एसडीएम के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने से किसान नाराज हो गए। किसानों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान ज्ञापन सौंपने के लिए एसडीएम के पहुंचने की मांग पर अड़े रहे। कोतवाल गोपाल नारायन सिंह और क्राइम इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने किसानों से बातचीत की। बाद में एसडीएम यदुवीर सिंह के पहुंचने पर किसानों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

शारदा नदी पर बंधा बनाने समेत कई मांगें
किसानों ने ज्ञापन में कहा कि दिसंबर 2021 में समाप्त हुए किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार की ओर से किए गए कई वादों को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। किसानों ने पलिया से अदलाबाद तक शारदा नदी को सीधा कर बंधा निर्माण कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा खाद की खुले बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने, उर्वरकों की कमी और कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा खाद, डीजल और पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की गई।
किसानों ने दुर्घटनाओं में मृत अथवा प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने तथा जंगली जानवरों से फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जंगल क्षेत्र में फेंसिंग कराने की मांग भी रखी।
निघासन में तहसीलदार रहे आरएसडी द्विवेदी की बहू शालिनी द्विवेदी बनीं तहसीलदार।।
बिजली, फसल खरीद और किसान आत्महत्या का मुद्दा
ज्ञापन में किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और ऐसे मामलों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। किसानों ने बिजली विभाग में किसानों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने, ट्यूबवेल कनेक्शन की प्रक्रिया आसान करने और बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की बात कही। इसके साथ ही मंडी समितियों को किसानों की भागीदारी के साथ मजबूत करने तथा फसलों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग भी उठाई गई।
तिरंगा यात्रा और प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशन, जसपाल सिंह ‘पल्ला’, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र, इकबाल सिंह, अमरजीत सिंह, संदीप सिंह, मुख्तार सिंह, पूर्व प्रधान रामपाल मौर्य, जसवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, सरजीत सिंह, कश्मीर सिंह, श्याम बिहारी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।











