निघासन खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर आबादी के आसपास डेरा जमा रहे तेंदुए ग्रामीणों के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं। गन्ने के खेतों को अपना सुरक्षित ठिकाना बना रहे तेंदुओं के हमलों से उत्तर निघासन वन रेंज क्षेत्र में इस वर्ष जनवरी से अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है।
85 वर्ष की चमेला देवी की जिंदगी में सरकारी योजनाओं की रोशनी अब तक नहीं पहुंची, जिम्मेदार कौन?
इसी अभियान के तहत रविवार रात करीब आठ बजे लट्ठौआ गांव में एक और तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
बताया गया कि पिछले कई दिनों से यह तेंदुआ गांव के आसपास नजर आ रहा था। उसकी गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीण लक्खा सिंह के घर के पास पिंजरा लगाया था। पिंजरे में बकरी को बांधा गया था। रात में शिकार की तलाश में पहुंचे तेंदुए ने जैसे ही बकरी पर झपट्टा मारा, वह पिंजरे में कैद हो गया।
तेंदुआ पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम उसे रेंज कार्यालय ले गई। रेंजर भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, उत्तर निघासन वन रेंज में अब तक करीब एक दर्जन तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है और लट्ठौआ में पकड़ा गया तेंदुआ 13वां है।
उन्होंने बताया कि तेंदुए का रेंज कार्यालय में चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार उसे जंगल में छोड़े जाने की कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी:- खेत में दिखा विशाल अजगर, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।











